Wednesday, May 22, 2019

कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान डाटा निरूपन Introduction: Analog Operations, Digital Operation, Fundamental Ingredient of IT, Communication Process, computer networks and types of networks (Learn in Hindi)

कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान डाटा निरूपन

परिचय (Introduction)-

कम्प्यूटर, यूजर द्वारा दिए गए विभिन्न प्रकार के डाटा तथा निर्देशों को संग्रहित करता है जैसे- ध्वनि, संख्या, टैक्स, ग्राफिक्स, रेखाचित्र आदि। ये सभी डाटा तथा निर्देश अलग-अलग होते हैं। परन्तु कम्प्यूटर में इन सभी डाटा तथा निर्देशों को एक ही भाषा तथा स्वरूप में संगृहित किया जाता है। ये स्वरूप 0 तथा 1 के रूप में होते हैं। यूजर द्वारा दिए गए सभी प्रकार के डाटा तथा निर्देश डाटा प्रतिनिधित्व के 0 तथा 1 इन दो अंकों में परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को 'डाटा निरूपण' कहते हैं। डाटा निरूपण दो क्रियाओं के माध्यम से किया जाता है-

1. एनालॉग क्रियायें
2. डिजिटल क्रियायें

एनालॉग क्रियायें (Analog Operations)-

वे क्रियायें, जिनमें अंकों का प्रयोग नहीं किया जाता एनालॉग क्रियायें कहलाती हैं। एनालॉग क्रियाओं का प्रयोग मुख्य रूप से विज्ञान तथा इंजीनियरिंग क्षेत्रों में किया जाता है। क्योंकि इन क्षेत्रों में भौतिक मात्राओं का प्रयोग अधिकाशत: किया जाता है, जैसे- स्पीडोमीटर, वोल्टमीटर, थर्मामीटर,..

डिजिटल क्रियायें (Digital Operation)-

आधुनिक कम्प्यूटर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक परिपथ (digital electronic circuits) द्वारा निर्मित होते हैं। इस परिपथ का मुख्य भाग ट्रांजिस्टर होता है जो दो अवस्थाओं 0-1 में कार्य करता है। कम्प्यूटर में डाटा को व्यक्त करने वाली इन दो अवस्थाओं को सम्मिलित रूप से बाइनरी संख्या प्रणाली binary number system) कहते हैं। बाइनरी संख्या प्रणाली को संक्षेप में बिट (Bit) कहा जाता है।

4 बिट्स = 1 निबल
8 बिट्स = 1 बाइट

1024 बाइट्स = 1 किलोबाइट (KB)
1024 किलोबाइट = 1 मेगाबाइट (MB)
1024 मेगाबाइट = 1 गीगाबाइट (GB)
1024 गीगाबाइट = 1 टेराबाइट (TB)

सूचना-प्रौद्योगिकी

परिचय (Introduction)
कम्प्यूटर का विकास कई दशकों पहले ही हो चुका है, परन्तु आधुनिक युग में कम्प्यूटर की क्षमता, गति, आकार एवं अन्य कई विशेषताओं में आश्चर्यजनक बदलाव हो रहे हैं। इन सभी सूचनाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के आविष्कार ने कई असम्भव बातों को सम्भव बना दिया है। हम घर बैठे दूर स्थित अपने किसी मित्र व संबंधी के साथ चैंटिंग करना, रेलवे-वायुयान टिकट आरक्षित करा सकते हैं। कम्प्यूटर के विकास के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी भी विकास के पथ पर अग्रसर है। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग डाटा संचार के रूप में, व्यपार, घर, बैंकों इत्यादि स्थानों पर मुख्य रूप से किया जाता है। दूसरे शब्दों में ज्ञान की नई शाखा को सूचना प्रौद्योगिकी कहते हैं।


सूचना-प्रौद्योगिकी के मौलिक घटक(Fundamental Ingredient of IT)

संचार प्रक्रिया, कम्प्यूटर नेटवर्क, ई-मेल आदि सूचना-प्रौद्योगिकी के मौलिक घटक हैं। इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-

संचार-प्रक्रिया (Communication Process)

दो विभिन्न या समान डिवाइसों के मध्य डाटा तथा सूचनाओं के आदान प्रदान को डाटा संचार एवं इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को संचार-प्रक्रिया कहते हैं। संचार-प्रक्रिया निम्नलिखित माध्यमों के द्वारा सम्पन्न होती है-
1. संदेश
2. प्राप्तकर्ता
3. प्रेषक
4. माध्यम
5. प्रोटोकॉल

कम्प्यूटर नेटवर्क (Computer Network)
सूचनाओं या अन्य संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान एवं साझेदारी के लिए दो या दो अधिक कम्प्यूटरों का परस्पर जुड़ाव कम्प्यूटर नेटवर्क कहलाता है। कम्प्यूटर नेटवर्क के अंतर्गत संसाधनों एवं सूचनाएं एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक समान रूप से पहुंचती है। कम्प्यूटर नेटवर्क एक कंपनी अथवा भवनों, एक कमरे तथा शहर के मध्य स्थापित किए जाते हैं।



नेटवर्क के प्रकार(Types of Network)
नेटवर्क विभिन्न प्रकार के होते हैं परन्तु मुख्यत: नेटवर्क तीन प्रकार के होते हैं-

1. लोकल एरिया नेटवर्क- लैन (Local Area Network- LAN)
वह नेटवर्क जो केवल एक भवन, कार्यालय अथवा एक कमरे तक सीमित होते हैं, लोकल एरिया नेटवर्क कहलाते हैं। इस नेटवर्क के अंतर्गत कई कम्प्यूटर आपस में संयोजित रहते हैं। परन्तु इनका भौगोलिक क्षेत्र एक या दो किमी. से अधिक नहीं होता है। रिंग, स्टार या कम्प्लीटली कनेक्टेड नेटवर्क आदि लैन के उदाहरण हैं।


2. मैट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क- मैन (Metropolitan Area Network- MAN)
एक या एक से अधिक लोकल एरिया नेटवर्कों को एक साथ जोड़कर बनाए गए नेटवर्क को मैट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क कहते हैं। यह नेटवर्क वृहद स्तरीय नेटवर्क है, जो कई कार्पोरेटों से मिलकर बना होता है। मैन की गति अत्यधिक तीव्र होती है, परन्तु लैन की अपेक्षा धीमी होती है।


3. वाइड एरिया नेटवर्क- वैन (Wide Area Network- WAN)
वह नेटवर्क जो मंडलीय, राष्टरीय, अंतरराष्टरीय एवं प्रादेशिक स्तर पर जोड़े जाते हैं, वाइड एरिया नेटवर्क कहलाते हैं। वैन में उपग्रह द्वारा कम्प्यूटर टर्मिनलों को आपस में जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए- मुबंई में रहकर दिल्ली से कोलकाता का आरक्षण करना या कनाडा से सिंगापुर की फ्लाइट का आरक्षण केवल वैन द्वारा ही संभव है। वैन की गति, लैन तथा मैन की अपेक्षा धीमी होती है।

ई-मेल (E-mail)
ई-मेल सूचना प्रौद्योगिकी की एक अद्भुत देन है, जिसके द्वारा दूरभाष तथा टेलीग्राम, फैक्स तथा पोस्टकार्ड इत्यादि पारंपरिक संचार सेवाओं को आसानी से केवल कुछ ही सेकेंडों में प्रेषित किया जा सकता है। ई-मेल की शुरुआत सबसे पहले हॉटमेल नामक कंपनी ने की। जिसने www.hotmail.com के जरिए सेवायें प्रारम्भ की। आज हॉटमेल विश्व की सबसे बड़ी ई-मेल इंटरनेट कंपनी है।




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